CIBIL स्कोर 650 — यह सुनते ही बहुत लोग मान लेते हैं कि उनका लोन नहीं मिलेगा। सच यह है कि बैंकों के लिए 650 "रिस्की" लग सकता है, लेकिन कई NBFCs इसे एक अलग नज़रिए से देखते हैं। वे सिर्फ CIBIL स्कोर नहीं देखते — वे आपकी पूरी फाइनेंशियल प्रोफाइल देखते हैं।
650 CIBIL स्कोर का मतलब क्या है?
CIBIL स्कोर 300 से 900 के बीच होता है। 650 का मतलब है कि आपने शायद कोई EMI देर से चुकाई हो, क्रेडिट कार्ड का लिमिट बहुत ज़्यादा इस्तेमाल किया हो, या हाल में कोई लोन रिजेक्ट हुआ हो। यह "बुरे बॉरोअर" का लेबल नहीं है — बस थोड़ी वित्तीय रुकावट का संकेत है।
650 स्कोर पर कौन से NBFC लोन देते हैं?
- IIFL Finance: 620+ CIBIL पर भी काम करता है। बैंक स्टेटमेंट और नौकरी की स्थिरता पर ज़्यादा ध्यान देता है।
- Fullerton India: 650 CIBIL और ₹20,000+ सैलरी पर अप्रूवल देखी गई है।
- Shriram Finance: Tier 2 शहरों में खासतौर पर एक्टिव — flexible नॉर्म्स।
- Muthoot Finance: वैकल्पिक डेटा यानी UPI ट्रांजैक्शन हिस्ट्री को भी स्वीकार करता है।
लेंडर 650 स्कोर पर और क्या देखते हैं?
- FOIR: अगर आपकी मौजूदा EMIs कम हैं, तो 650 CIBIL पर भी लोन मिल सकता है।
- नौकरी की स्थिरता: एक ही कंपनी में 2+ साल — यह स्कोर की कमी को काफी हद तक संतुलित करता है।
- बैंक स्टेटमेंट: नियमित सैलरी क्रेडिट, कोई बाउंस्ड चेक नहीं — यह सबसे अहम है।
- एम्प्लॉयर कैटेगरी: सरकारी नौकरी या बड़ी प्राइवेट कंपनी — 650 CIBIL होने पर भी लोन की संभावना बढ़ जाती है।
क्या ब्याज दर मिलेगी?
650 CIBIL स्कोर पर NBFCs आमतौर पर 18%–24% प्रति वर्ष की ब्याज दर ऑफर करते हैं। यह 780+ स्कोर वाली "12.99% से शुरू" वाली रेट नहीं है — लेकिन यह क्रेडिट कार्ड की 36%–42% रेट से बहुत कम है। और सबसे अहम बात — यह एक structured, fixed repayment है जो आपके CIBIL स्कोर को आगे सुधारने में मदद करेगा।
आगे क्या करें?
एक साथ कई जगह अप्लाई मत करें। हर बार के हार्ड इन्क्वायरी से स्कोर थोड़ा और गिरता है। GetExpressLoans जैसी मार्केटप्लेस पर soft eligibility check करें — इससे आपका CIBIL प्रभावित नहीं होता और आपको सबसे सही NBFC का विकल्प मिलता है।
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